अब के सजन सावन में लिरिक्स (Ab Ke Sajan Saawan Mein Lyrics) - Lata Mangeshkar


अब के सजन सावन में लिरिक्स हिंदी में (Ab Ke Sajan Saawan Mein Lyrics In Hindi)

अब के सजन सावन में
आग लगेगी बदन में
घटा बरसेगी, मगर तरसेगी नज़र
मिल न सकेंगे दो मन
एक ही आँगन में
अब के सजन सावन...
 
दो दिलों के बीच खड़ी कितनी दीवारें
कैसे सुनूँगी मैं पिया प्रेम की पुकारें
चोरी चुपके से तुम लाख करो जतन, सजन
मिल न सकेंगे दो मन...
 
इतने बड़े घर में नहीं एक भी झरोंखा
किस तरह हम देंगे भला दुनिया को धोखा
रात भर जगाएगी ये मस्त-मस्त पवन, सजन
मिल न सकेंगे दो मन..
 
तेरे मेरे प्यार का ये साल बुरा होगा
जब बहार आएगी तो हाल बुरा होगा
कांटे लगाएगा ये फूलों भरा चमन, सजन
मिल न सकेंगे दो मन...

अब के सजन सावन में लिरिक्स अंग्रेजी में (Ab Ke Sajan Saawan Mein Lyrics In English)

Ab Ke Sajan Saawan Mein
Aag Lagegi Badan Mein
Ghata Barsegi, Magar Tarsegi Nazar
Mil Na Sakenge Do Man
Ek Hi Aangan Mein
Ab Ke Sajan Saawan...
 
Do Dilon Ke Beech Khadi Kitni Deewaren
Kaise Sunungi Main Piya Prem Ki Pukaaren
Chori Chupke Se Tum Laakh Karo Jatan, Sajan
Mil Na Sakenge Do Man...
 
Itne Bade Ghar Mein Nahin Ek Bhi Jharokha
Kis Tarah Hum Denge Bhala Duniya Ko Dhoka
Raat Bhar Jagaegi Ye Mast-Mast Pawan, Sajan
Mil Na Sakenge Do Man..
 
Tere Mere Pyaar Ka Ye Saal Bura Hoga
Jab Bahaar Aayegi To Haal Bura Hoga
Kaante Lagaega Ye Phoolon Bhara Chaman, Sajan
Mil Na Sakenge Do Man...

Singer - Lata Mangeshkar

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